Skip to main content

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन || प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना जागरूकता अभियान उत्तराखंड

 प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन 1 फरवरी 2018



केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर (Health and Education Cess) से प्राप्त होने वाली राशि से स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु एक ‘सिंगल नॉन लैप्सेबल रिज़र्व फंड’ (Single Non-Lapsable Reserve Fund) के रूप में ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा निधि’ (Pradhan Mantri Swasthya Suraksha Nidhi- PMSSN) बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है।


वित्त अधिनियम, 2007 की धारा 136-बी के तहत स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर की वसूली की जाती है।

प्रमुख बिंदु:

प्रधानमंत्री सुरक्षा निधि (PMSSN) की मुख्य विशेषताएंँ:


यह सार्वजनिक खाते में स्वास्थ्य क्षेत्र हेतु एक ‘सिंगल नॉन लैप्सेबल रिज़र्व फंड’ है। 

स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर से प्राप्त राशि में से स्वास्थ्य का अंश ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा निधि’ (PMSSN) में भेजा जाएगा।

PMSSN में भेजी गई इस राशि का इस्तेमाल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण  योजनाओं में किया जाएगा: -

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)

आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र (AB-HWCs)

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY)

स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों एवं आकस्मिक विपत्ति में तैयारी एवं प्रतिक्रिया।

कोई भी अन्य भावी कार्यक्रम/योजना जिसका लक्ष्य एसडीजी की दिशा में प्रगति हासिल करना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 के तहत तय लक्ष्यों को प्राप्त करना।

PMSSN का प्रशासन और रखरखाव का कार्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare- MoHFW) को सौंपा गया है।

किसी भी वित्तीय वर्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की उक्त योजनाओं का व्यय प्रारंभिक तौर पर PMSSN से लिया जाएगा तथा बाद में सकल बजट सहायता (Gross Budgetary Support- GBS) से प्राप्त किया जाएगा।

PMSSN का लाभ: 


इसका मुख्य लाभ यह होगा कि निर्धारित संसाधनों की उपलब्धता से सार्वभौमिक और वहनीय स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंँच प्रदान की जा सकेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी वित्तीय वर्ष के अंत में इसके लिये निर्धारित राशि समाप्त न हो।

स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च का महत्त्व:  


विकास में सुधार:  आर्थिक दृष्टि से देखें तो बेहतर स्वास्थ्य से उत्पादकता में सुधार होता है तथा असामयिक मौत, लंबे  समय तक चलने वाली अपंगता और जल्द अवकाश लेने के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। 

अधिक अवसरों की उपलब्धता: जनसंख्या की जीवन आकांक्षा (Life Expectancy) में एक अतिरिक्त वर्ष बढ़ने से सकल घरेलू उत्पाद में प्रति व्यक्ति 4 प्रतिशत की वृद्धि होती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश करने से लाखों रोज़गार सृजित होंगे।  खासतौर से महिलाओं के लिये क्योंकि स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं की ज़रूरत बढ़ने पर उनके लिये नई नौकरियों का सृजन होगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर:


वित्त मंत्री द्वारा वर्ष 2018 के बजट भाषण में आयुष्मान भारत योजना की घोषणा करते हुए मौजूदा 3% शिक्षा उपकर को 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर में बदलने की घोषणा की गई थी।

इसे भारत में ग्रामीण परिवारों की शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एकत्रित किया जाता है।

उपकर

उपकर (Cess), उत्पाद शुल्क और व्यक्तिगत आयकर जैसे सामान्य करों तथा शुल्कों से अलग कर के ऊपर लगने वाला कर है जो आमतौर पर विशिष्ट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु लगाया जाता है।

केंद्र सरकार को करों (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों), अधिभार, शुल्क, उपकर, लेवी आदि के माध्यम से राजस्व जुटाने का अधिकार है।

सामान्यतः जनता द्वारा भुगतान किया जाने वाला उपकर, उनके कर देयता में जोड़ा जाता है, जो कुल कर भुगतान के हिस्से के रूप में अदा किया जाता है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-270 के तहत उपकर को उन करों के विभाज्य पूल (Divisible Pool of Taxes) के दायरे से बाहर रखने की अनुमति दी गई है जिन्हें केंद्र सरकार को राज्यों के साथ साझा करना अनिवार्य है।

उपकर का उद्देश्य पूरा हो जाने के बाद इस पर रोक लगा दी जाती है। अन्य करों (जिन्हें अन्य भारतीय राज्यों के साथ साझा किया जाता है) के विपरीत उपकर के माध्यम से प्राप्त होने वाली संपूर्ण राशि केंद्र सरकार के पास जमा की जाती है।

सरकार द्वारा स्वच्छ भारत उपकर (वर्ष 2017 में समाप्त) को स्वच्छता गतिविधियों के लिये लगाया गया था।

अधिभार और उपकर के बीच अंतर:

अधिभार (Surcharge) मौजूदा कर पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क या कर है। यह मुख्यतः व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट आयकर पर लगाया जाता है।

अधिभार और उपकर दोनों राज्य सरकारों के साथ साझा करने योग्य नहीं होते हैं। अधिभार को भारत की संचित निधि (Consolidated Fund) में रखा जा सकता है तथा किसी अन्य कर की तरह खर्च किया जा सकता है। उपकर को CFI में एक अलग निधि के रूप में रखा जाना चाहिये, जिसे केवल विशिष्ट उद्देश्य के लिये खर्च किया जाता है।

अधिभार पर चर्चा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 270 और अनुच्छेद 271 के अंतर्गत की जाती है।

उपकर के विपरीत अधिभार सामान्यतः सरकार के लिये राजस्व का एक स्थायी स्रोत होता है।

Comments

Popular posts from this blog

उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ऑनलाइन बिल भुगतान प्रक्रिया Uttarakhand electricity bill process

 uttarakhand power corporation limited online bill payment process उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ऑनलाइन बिल भुगतान प्रक्रिया कैसे easy तरीके से अपना बिजली का बिल भर सकते हैं  निचे दिए स्टेप्स फॉलो करे  1. सबसे पहले इस वेबसाइट पर विजिट करे :  https://www.upcl.org/ २. quick bill payment पर क्लिक करे 3. अपना सर्विस कनेक्सन न. अथवा अकाउंट न. टाइप करे और इमेज में लिखा हुआ टेक्स्ट कैप्चा बॉक्स पर लिखे  फिर सबमिट बटन पर क्लिक करे अगर आपको सर्विस कनेक्सन न. अथवा अकाउंट न. नहीं पता है तो अपने एरिया के लाइनमैन से पूछे  4. आपका डैशबोर्ड ओपन हो जायेगा जहा आप बहुत आसानी से अपना बिल पेमेंटकर सकते है रो पुराना बिलभी देख सकते है.     helpline numbers - Uttarakhand Power Corporation Limited HELPLINE NUMBERS Helpline Toll Free Number 1912 Helpline Toll Free Number 1800-419-0405 Save electricity in the interest of the nation   आपको हमारी दी हुई जानकारी अच्छी लगी तो अपना फीडबैक जरुर दे   Note: The facts and information mentioned in the article have been...